reiki is hands-on natural healing using the universal life force energy. the term comes from the Japanese words “rei,” meaning universal, and “ki,” which means vital life force energy that flows through all living things. reiki, an abundant, gentle spiritual energy is not tied to any specific religion or nationality.
रेकी शब्द में रे का अर्थ है वैश्विक, अर्थात सर्वव्यापी है। विभिन्न लोगों द्वारा किये गये शोध के अनुसार यह निष्कर्ष निकला है कि इस विधि को आध्यात्मिक चेतन अवस्था या अलौकिक ज्ञान भी कहा जा सकता है। इसे सर्व ज्ञान भी कहा जाता है जिसके द्वारा सभी समस्याओं की जड़ में जाकर उनका उपचार खोजा जाता है। समग्र औषधि के तौर पर रेकी को बहुत पसंद किया जाता है। रेकी की मान्यता है कि जब तक कोई प्राणी जीवित है, ‘की’ उसके गिर्द बनी रहती है। जब ‘की’ उसे छोड़ जाती है, तब उस प्राणी की मृत्यु होती है। विचार, भाव और आध्यात्मिक जीवन भी ‘की’ के माध्यम से उपजते हैं। रेकी एक साधारण विधि है, लेकिन इसे पारंपरिक तौर पर नहीं सिखाया जा सकता। विद्यार्थी इसे रेकी मास्टर से ही सीखता है। इसे आध्यात्म आधारित अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। चिन्ता, क्रोध, लोभ, उत्तेजना और तनाव शरीर के अंगों एवं नाड़ियो में हलचल पैदा करते देते हैं, जिससे रक्त धमनियों में कई प्रकार के विकार उत्पन्न हो जाते हैं। शारीरिक रोग इन्ही विकृतियों के परिणाम हैं। शारीरिक रोग मानसिक रोगों से प्रभावित होते है। रेकी बीमारी के कारण को जड़ मूल से नष्ट करती हैं, स्वास्थ्य स्तर को उठाती है, बीमारी के लक्षणों को दबाती नहीं हैं। रेकी के द्वारा मानसिक भावनाओं का संतुलन होता है और शारीरिक तनाव, बैचेनी व दर्द से छुटकारा मिलता जाता हैं। रेकी गठिया, दमा, कैंसर, रक्तचाप, पक्षाघात, अल्सर, एसिडिटी, पथरी, बवासीर, मधुमेह, अनिद्रा, मोटापा, गुर्दे के रोग, आंखों के रोग , स्त्री रोग, बाँझपन, शक्तिन्यूनता और पागलपन तक दूर करने में समर्थ है।[3]
इसके द्वारा विशिष्ट आदर्शो के अधीन रहना होता है। संस्कृत शब्द प्राण इसी का पर्यायवाची है। चीन में इसे ची कहा जाता है। रेकी के विशेषज्ञ नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर उसे सकारात्मक ऊर्जा में बदलने पर जोर देते हैं। उपचार करते समय रेकी विशेषज्ञ के हाथ गर्म हो जाते हैं। रेकी का इस्तेमाल मार्शल आर्ट़स विशेषज्ञ भी करते हैं। यह विद्या दो दिन के शिविर में सिखाई जाती है, जिसमें लगभग पंद्रह घंटे का समय होता है।[5] इस शिविर में रेकी प्रशिक्षक द्वारा व्यक्ति को सुसंगतता ('एट्यूनमेंट' या 'इनिसियेशन' या 'शक्तिपात')[4] प्रदान की जाती है। इससे व्यक्ति के शरीर में स्थित शक्ति केंद्र जिन्हें चक्र कहते है, पूरी तरह गतिमान हो जाते हैं, जिससे उनमें 'जीनव शक्ति' का संचार होने लगता है।[6] रेकी का प्रशिक्षण मास्टर एवं ग्रैंड मास्टर पांच चरणों में देते हैं।
प्रथम डिगरी
द्वितीय डिगरी
तृतीय डिगरी
करुणा रेकी
मास्टर्स रेकी[2]
रेकी क्या है रेकी हीलिंग के फायदे कोन कोन से है...
रेकी ये words सायद आपने कभी ना कभी तो जरुर सुना ही होगा | अगर नहीं तो भी कोई बात नहीं क्युकी आज की इस video में हम reiki के बारे में सब कुछ जानने वाले है | रेकी एक कुदरती उपचार पध्धति है और पिछले कही decades से लोग उसका लाभ ले रहे है |
Reiki एक जापनिस words है और जापनिस में “रे” means univercal और “की” का अर्थ energy यानी की एक शक्तिशाली उर्जा का प्रवाह कहा जाता है | दोनो शब्दों के जुडाव से रेकी का अर्थ ये होता है “ब्रह्मांड की अनत उर्जा को खुद के शरीर में प्रवाहित करके healing करना | ये रेकी healing से किसी भी तरह की बिमारी दुर हो सकती है |
आज की आधुनिक scientific research ये कहती है की हमारी body, हमारी पृथ्वी और ये पूरे ब्रह्मांड सब की उत्पति ऊर्जा से ही हुवि है | जब भी हमारे शरीर में ये उर्जा का प्रवाह रुक जाता है या कम हो जाता है तब हमे बिमारी आती है | शरीर असक्त रहता है | हम ये बिमारी को दूर करने के लिए नॉर्मली डोक्टर के पास से medicine लेते है | जिससे हम ठीक भी हो जाते है और कभी कबर ये बिमारी को हम बहुत लबे समय के बाद दूर कर पाते है |
अगर हम रेकी उपचार पध्धति को सिख ले उसके बारे में जानके उसकी practice करे , तो हम पूरी जिन्दगी तंदुरस्त रह सकते है | बिमारी आने से पहले ही हम इसका उपचार कर सकते है | और साथ साथ दुसरो को भी रेकी के माध्यम से ठीक कर पायेगे |