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दूरबीन से ऑपरेशन: पित्त की थैली में पथरी के दुष्परिणाम, लक्षण और आधुनिक इलाज

Written By Dr. R. K. Mishra on Wednesday, Nov 20, 2019 | 10:05 AM

 
पित्त की थैली में पथरी व सूजन की बीमारी के मरीज आए दिन बढ़ रहे हैं। खासकर महिलाओं में इस तरह की बीमारी ज्यादा देखी जा रही है। यह बीमारी महिलाओं को उम्र के ऐसे पड़ाव में होती जब महिला 40 वर्ष पार कर चुकी होती है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि इस के होने का कारण अन्य भी हो सकते हैं, जैसे वसा युक्त पदार्थों का अधिक सेवन, मोटापा आदि। हालांकि पुरुषों में भी इस तरह की बीमारी काफी होती है, लेकिन महिलाओं से अपेक्षाकृत कम होती है। Dr. R.K. Mishra का कहना है कि पित की थैली की पथरी को निकालने के लिए सर्जरी ही एकमात्र इलाज होता है। लैप्रोस्कोपी अर्थात दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं जबकि चीरा विधि की अपेक्षा दूरबीन विधि में मरीज को ज्यादा लंबे समय तक हॉस्पिटल में भर्ती नहीं रहना पड़ता। इसके साथ ही पेट पर एक या चार छेद कर हार्निया, एपेंडिक्स, ट्यूमर व पथरी का सफल ऑपरेशन किया जा सकता है। इसमें समय कम लगता है और खून की भी जरूरत न के बराबर होती है। दूरबीन विधि का एक अन्य लाभ यह है कि इसमें पेट में चीरा व टांके नहीं लगते और सिर्फ एक छेद नाभि में होने से पेट कटने के कोई निशान भी नहीं आते। क्या पित्त की थैली (Gallbladder) में पथरी होने पर हमेशा ऑपरेशन जरूरी होता है? पित्त की थैली की पथरी के क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं? क्या दवाओं से इसका इलाज संभव है या केवल सर्जरी ही स्थायी समाधान है? इस विस्तृत वीडियो में विश्वप्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. आर. के. मिश्रा पित्त की थैली में पथरी (Gallstones) से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में समझाते हैं। आप जानेंगे कि पित्त की थैली में पथरी बनने के मुख्य कारण क्या हैं, इसके शुरुआती लक्षण कौन-कौन से हैं, कब यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, और किन परिस्थितियों में तत्काल ऑपरेशन आवश्यक हो जाता है। वीडियो में यह भी बताया गया है कि यदि पथरी का समय पर उपचार न किया जाए तो संक्रमण (Acute Cholecystitis), पित्त नली में पथरी (CBD Stone), पीलिया (Jaundice), अग्नाशयशोथ (Pancreatitis) तथा अन्य गंभीर जटिलताएँ कैसे विकसित हो सकती हैं। डॉ. मिश्रा आधुनिक लैप्रोस्कोपिक गॉलब्लैडर सर्जरी (Laparoscopic Cholecystectomy) की पूरी प्रक्रिया, इसके लाभ, कम दर्द, छोटे चीरे, जल्दी रिकवरी, कम रक्तस्राव और शीघ्र सामान्य जीवन में वापसी के बारे में विस्तार से बताते हैं। साथ ही यह भी समझाया गया है कि किन मरीजों में बिना लक्षण वाली पथरी की केवल निगरानी की जा सकती है और किन मरीजों में सर्जरी में देरी करना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि आपको या आपके किसी परिजन को पित्त की थैली में पथरी, बार-बार दाहिनी तरफ पेट में दर्द, गैस, उल्टी, अपच या भोजन के बाद दर्द की समस्या रहती है, तो यह वीडियो आपके लिए अत्यंत उपयोगी है। यह वीडियो मरीजों, मेडिकल छात्रों, जनरल प्रैक्टिशनर्स और सर्जनों सभी के लिए एक विश्वसनीय शैक्षणिक मार्गदर्शिका है। विश्व लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल द्वारा प्रस्तुत यह वीडियो नवीनतम वैज्ञानिक सिद्धांतों और वर्षों के सर्जिकल अनुभव पर आधारित है। https://www.laparoscopyhospital.com/ For more information please contact: World Laparoscopy Hospital Cyber City, Gurugram, NCR DELHI INDIA 122002 Phone & WhatsApp: +919811416838, + 91 9999677788