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ऊर्द्व कोण सूचिता, मध्य कोण सूचिता और तल कोण सूचिता कथक में । Hastaks Kona Suchita | पाठ ३४/२२२

Written By Kathak in Hindi - कथक शिक्षण ऑनलाइन on Wednesday, Mar 21, 2018 | 12:25 AM

 
Urdhva Kona Suchita, Madhya Kona Suchita and Tala Kona Suchita देखिए किस प्रकार गुरु पाली चन्द्रा ऊर्द्व, मध्य और तल हस्त कोण सूचिताओं के बारे में प्रारंभिक शिष्य और शिष्याओं को ञान प्रदान कर रहीं हैं । इसमें शरीर का संतुलन बनाये रखना आवश्यक है । शरीर का हर भाग एक कोने की ओर इशारा करता हुआ दिखाई देना चाहिए । अंग के साथ दृष्टि का भी इस्तमाल बराबरी से करना अनिवार्य है । इस हस्त मुद्राओं का प्रयोग सभ के समय अक्सर किया जाता है । इसलिए कथक में इसे सफाई और जोश के साथ करने से नृत्य प्रर्दशन और खूबसूरत होता है ।